Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.229.15: हम सब पुत्रों पर ऐसा स्नेह मत करो कि हम सबका नाश हो जाए। उत्तम लोक जाने की इच्छा रखने वाले मेरे पिता का यह कृत्य व्यर्थ न जाए।॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मा त्वं सर्वविनाशाय स्नेहं कार्षी: सुतेषु न:।
न हीदं कर्म मोघं स्याल्लोककामस्य न: पितु:॥ १५॥
अनुवाद
हम सब पुत्रों पर ऐसा स्नेह मत करो कि हम सबका नाश हो जाए। उत्तम लोक जाने की इच्छा रखने वाले मेरे पिता का यह कृत्य व्यर्थ न जाए।॥15॥
‘Do not show such affection towards all of us sons that it results in the destruction of all of us. May this act of my father, who desires to go to the best world, not go in vain.’॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥