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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 229: जरिताका अपने बच्चोंकी रक्षाके लिये चिन्तित होकर विलाप करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.229.14 
अन्ववेक्ष्यैतदुभयं क्षेमं स्याद् यत् कुलस्य न:।
तद् वै कर्तुं पर: कालो मातरेष भवेत् तव॥ १४॥
 
 
अनुवाद
‘माता! इन दोनों बातों पर विचार करके, यह तुम्हारे लिए एक महान अवसर है कि तुम हमारे परिवार के लिए जो भी अच्छा हो, करो।॥14॥
 
‘Mother! After thinking over both these matters, this is a great opportunity for you to do whatever is good for our family.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)