Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.228.7: भरत! तपस्या पूर्ण करके और शरीर त्यागकर वे पितृलोक चले गए; परंतु वहाँ उन्हें अपनी तपस्या और पुण्य का फल नहीं मिला॥7॥ | mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स गत्वा तपस: पारं देहमुत्सृज्य भारत।
जगाम पितृलोकाय न लेभे तत्र तत्फलम्॥ ७॥
अनुवाद
भरत! तपस्या पूर्ण करके और शरीर त्यागकर वे पितृलोक चले गए; परंतु वहाँ उन्हें अपनी तपस्या और पुण्य का फल नहीं मिला॥7॥
Bharat! After completing his penance and leaving his body, he went to Pitriloka (the world of ancestors); but there he did not get the fruits of his penance and good deeds. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥