Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.228.5: मण्डपाल नाम के एक प्रसिद्ध विद्वान महर्षि थे। वे धार्मिक विद्वानों में श्रेष्ठ तथा कठोर व्रतों का पालन करने वाले तपस्वी थे।   |   mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.228.5 
धर्मज्ञानां मुख्यतमस्तपस्वी संशितव्रत:।
आसीन्महर्षि: श्रुतवान् मन्दपाल इति श्रुत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
मण्डपाल नाम के एक प्रसिद्ध विद्वान महर्षि थे। वे धार्मिक विद्वानों में श्रेष्ठ तथा कठोर व्रतों का पालन करने वाले तपस्वी थे।
 
There was a famous scholar called Maharishi named Mandapal. He was the best among religious scholars and an ascetic who observed strict fasts. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)