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mahabharat 1.228.28: प्रलयकाल में आपसे भयंकर ज्वालाएँ निकलती हैं और समस्त प्राणियों को जलाकर भस्म कर देती हैं। हे महान एवं तेजस्वी जातवेद! यह सम्पूर्ण जगत् आपसे ही उत्पन्न हुआ है॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.228.28 
दहन्ति सर्वभूतानि त्वत्तो निष्क्रम्य हेतय:।
जातवेदस्त्वयैवेदं विश्वं सृष्टं महाद्युते॥ २८॥
 
 
अनुवाद
प्रलयकाल में आपसे भयंकर ज्वालाएँ निकलती हैं और समस्त प्राणियों को जलाकर भस्म कर देती हैं। हे महान एवं तेजस्वी जातवेद! यह सम्पूर्ण जगत् आपसे ही उत्पन्न हुआ है॥ 28॥
 
During the time of destruction, terrible flames emerge from you and burn all living beings to ashes. O great and illustrious Jaatveda! This entire universe has originated from you.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)