श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.228.25 
त्वामष्टधा कल्पयित्वा यज्ञवाहमकल्पयन्।
त्वया विश्वमिदं सृष्टं वदन्ति परमर्षय:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान पुरुषों ने आपको पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, सूर्य, चन्द्रमा और यज्ञ - इन आठ रूपों में विभाजित किया है और आपको यज्ञ का वाहन बनाया है। महर्षि कहते हैं कि आपने ही इस सम्पूर्ण जगत की रचना की है॥ 25॥
 
Wise men have divided you into eight forms- earth, water, fire, wind, sky, sun, moon and the sacrificer and have made you the vehicle of the sacrifice. Maharshis say that you have created this entire universe.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)