Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.228.23: मण्डपाल ने कहा - हे अग्निदेव! आप समस्त लोकों के मुख हैं, देवताओं को हवि पहुँचाने वाले हैं।   |   mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.228.23 
मन्दपाल उवाच
त्वमग्ने सर्वलोकानां मुखं त्वमसि हव्यवाट्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
मण्डपाल ने कहा - हे अग्निदेव! आप समस्त लोकों के मुख हैं, देवताओं को हवि पहुँचाने वाले हैं।
 
Mandpal said - O Agnidev! You are the mouth of all the worlds, you are the one who delivers offerings to the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)