Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.228.17-18h: ऋषि ने उस स्त्री के गर्भ से चार ब्राह्मण पुत्रों को जन्म दिया। शिशुओं को अंडों में उनकी माता के पास छोड़कर, ऋषि अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए वन में चले गए। | mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यां पुत्रानजनयच्चतुरो ब्रह्मवादिन:।
तानपास्य स तत्रैव जगाम लपितां प्रति॥ १७॥
बालान् स तानण्डगतान् सह मात्रा मुनिर्वने।
अनुवाद
ऋषि ने उस स्त्री के गर्भ से चार ब्राह्मण पुत्रों को जन्म दिया। शिशुओं को अंडों में उनकी माता के पास छोड़कर, ऋषि अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए वन में चले गए।
The sage gave birth to four brahminical sons from the womb of the woman. Leaving the babies in the eggs with their mother, the sage went to the forest to live with his wife.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥