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mahabharat 1.228.16: ऐसा विचारकर वह अधिक बच्चे उत्पन्न करने वाली पक्षियों के घर गया और जरीता नामक शार्ङ्गिका के साथ सम्बन्ध स्थापित किया ॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.228.16 
स चिन्तयन्नभ्यगच्छत् सुबहुप्रसवान् खगान्।
शार्ङ्गिकां शार्ङ्गिको भूत्वा जरितां समुपेयिवान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
ऐसा विचारकर वह अधिक बच्चे उत्पन्न करने वाली पक्षियों के घर गया और जरीता नामक शार्ङ्गिका के साथ सम्बन्ध स्थापित किया ॥16॥
 
Thinking this, he went to the house of birds that give birth to more children and established a relationship with Sharngika named Jarita. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)