Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.228.14: श्रुतिका में कहा गया है कि पुत्र पिता को 'पूत' नामक नरक से बचाता है। अतः विप्रवर! आप अपने वंश को अखंड रखने का प्रयत्न करें। 14॥   |   mahabharat अध्याय 1.228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 228: शार्ङ्गकोपाख्यान—मन्दपाल मुनिके द्वारा जरिता-शार्ङ्गिकासे पुत्रोंकी उत्पत्ति और उन्हें बचानेके लिये मुनिका अग्निदेवकी स्तुति करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.228.14 
पुंनाम्नो नरकात् पुत्रस्त्रायते पितरं श्रुति:।
तस्मादपत्यसंताने यतस्व ब्रह्मसत्तम॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्रुतिका में कहा गया है कि पुत्र पिता को 'पूत' नामक नरक से बचाता है। अतः विप्रवर! आप अपने वंश को अखंड रखने का प्रयत्न करें। 14॥
 
Srutika states that the son rescues the father from the hell called 'Put'. Hence Vipravara! You try to keep your lineage unbroken. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)