Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.227.5-6h: उस भयंकर चीत्कार और अग्निदेवता की गर्जना के कारण वहाँ का सारा आकाश प्रलयंकारी समय में बादलों की गर्जना से गूंजता हुआ प्रतीत हो रहा था। | mahabharat अध्याय 1.227: देवताओंकी पराजय, खाण्डववनका विनाश और मयासुरकी रक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेन नादेन रौद्रेण नादेन च विभावसो:॥ ५॥
ररास गगनं कृत्स्नमुत्पातजलदैरिव।
अनुवाद
उस भयंकर चीत्कार और अग्निदेवता की गर्जना के कारण वहाँ का सारा आकाश प्रलयंकारी समय में बादलों की गर्जना से गूंजता हुआ प्रतीत हो रहा था।
Because of that terrifying cry and the roar of the god of fire, the entire sky there seemed to be resounding with the roaring of clouds during a catastrophic time. 5 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥