Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.227.26-27h: जैसे प्रचण्ड वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, उसी प्रकार अर्जुन देवताओं को भगाते हुए अपने बाणों से खाण्डव देश के प्राणियों का संहार करने लगे। 26 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.227: देवताओंकी पराजय, खाण्डववनका विनाश और मयासुरकी रक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स मारुत इवाभ्राणि नाशयित्वार्जुन: सुरान्॥ २६॥
व्यधमच्छरसङ्घातैर्देहिन: खाण्डवालयान्।
अनुवाद
जैसे प्रचण्ड वायु बादलों को तितर-बितर कर देती है, उसी प्रकार अर्जुन देवताओं को भगाते हुए अपने बाणों से खाण्डव देश के प्राणियों का संहार करने लगे। 26 1/2॥
Just as a strong wind scatters the clouds, in the same way Arjun, driving away the gods, started killing the creatures of Khandava with his arrows. 26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥