Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.225.6: कोई अपने बेटों को सीने से लगाए हुए था, कोई अपने पिता और भाइयों से लिपटा हुआ था। स्नेह के कारण वे एक-दूसरे को छोड़ नहीं पाए और वहीं प्राण त्याग दिए। | mahabharat अध्याय 1.225: खाण्डववनमें जलते हुए प्राणियोंकी दुर्दशा और इन्द्रके द्वारा जल बरसाकर आग बुझानेकी चेष्टा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कोई अपने बेटों को सीने से लगाए हुए था, कोई अपने पिता और भाइयों से लिपटा हुआ था। स्नेह के कारण वे एक-दूसरे को छोड़ नहीं पाए और वहीं प्राण त्याग दिए।
Some were hugging their sons tightly to their chests, some were clinging to their fathers and brothers. Due to their affection they could not leave each other and died there itself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥