सोमेन राज्ञा यद् दत्तं धनुश्चैवेषुधी च ते।
तत् प्रयच्छोभयं शीघ्रं रथं च कपिलक्षणम्॥ ४॥
अनुवाद
'वरुणदेव! कृपया राजा सोम द्वारा दिया गया दिव्य धनुष और अक्षय तरकश मुझे लौटा दीजिए। साथ ही मुझे वानर ध्वज से सुशोभित रथ भी दीजिए।'॥4॥
'Varundev! Please return to me the divine bow and the inexhaustible quiver given to you by King Som. Also give me a chariot decorated with a flag bearing a monkey.'॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)