Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.224.2: यह जानकर कि अदिति के पुत्र, जल के स्वामी तथा सदैव जल में निवास करने वाले वरुण और अग्निदेव ने मेरा स्मरण किया है, वे तुरन्त उनके समक्ष प्रकट हुए। | mahabharat अध्याय 1.224: अग्निदेवका अर्जुन और श्रीकृष्णको दिव्य धनुष, अक्षय तरकस, दिव्य रथ और चक्र आदि प्रदान करना तथा उन दोनोंकी सहायतासे खाण्डववनको जलाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आदित्यमुदके देवं निवसन्तं जलेश्वरम्।
स च तच्चिन्तितं ज्ञात्वा दर्शयामास पावकम्॥ २॥
अनुवाद
यह जानकर कि अदिति के पुत्र, जल के स्वामी तथा सदैव जल में निवास करने वाले वरुण और अग्निदेव ने मेरा स्मरण किया है, वे तुरन्त उनके समक्ष प्रकट हुए।
Knowing that Varuna, the son of Aditi, the lord of water and who always resides in water, and Agnidev have thought of me, they immediately appeared before them. 2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥