Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.223.21: हे अग्निदेव! हम अपने प्रयत्नों से जो भी कार्य हो सके, उसे करने के लिए तैयार हैं; परंतु आप कृपा करके इसके लिए पर्याप्त साधन की व्यवस्था करें ॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 1.223: अर्जुनका अग्निकी प्रार्थना स्वीकार करके उनसे दिव्य धनुष एवं रथ आदि माँगना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे अग्निदेव! हम अपने प्रयत्नों से जो भी कार्य हो सके, उसे करने के लिए तैयार हैं; परंतु आप कृपा करके इसके लिए पर्याप्त साधन की व्यवस्था करें ॥ 21॥
O Lord Agnidev! We are ready to do whatever work can be done through our efforts; but you should kindly arrange for adequate resources for this. ॥ 21॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि खाण्डवदाहपर्वणि अर्जुनाग्निसंवादे त्रयोविंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत खाण्डवदाहपर्वमें अर्जुन-अग्निसंवादविषयक दो सौ तेईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥