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mahabharat 1.221.7: जैसे चारों वेदों से युक्त और आवश्यकतानुसार प्रयुक्त किया हुआ महान यज्ञ सुन्दर लगता है, वैसे ही राजा युधिष्ठिर भी अपने अधीन चारों भाइयों सहित अत्यन्त शोभा पाते थे। ॥7॥   |   mahabharat अध्याय 1.221: युधिष्ठिरके राज्यकी विशेषता, कृष्ण और अर्जुनका खाण्डववनमें जाना तथा उन दोनोंके पास ब्राह्मणवेशधारी अग्निदेवका आगमन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 221: युधिष्ठिरके राज्यकी विशेषता, कृष्ण और अर्जुनका खाण्डववनमें जाना तथा उन दोनोंके पास ब्राह्मणवेशधारी अग्निदेवका आगमन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.221.7 
भ्रातृभि: सहितो राजा चतुर्भिरधिकं बभौ।
प्रयुज्यमानैर्विततो वेदैरिव महाध्वर:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जैसे चारों वेदों से युक्त और आवश्यकतानुसार प्रयुक्त किया हुआ महान यज्ञ सुन्दर लगता है, वैसे ही राजा युधिष्ठिर भी अपने अधीन चारों भाइयों सहित अत्यन्त शोभा पाते थे। ॥7॥
 
Just as a great sacrifice performed in detail with the four Vedas, used as and when required, looks beautiful, so too King Yudhishthira looked very beautiful with his four brothers under his command. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)