स च नाम रथस्तादृङ्मदीयास्ते च वाजिन:॥ ९॥
योद्धा पार्थश्च शीघ्रास्त्र: को नु तेन समो भवेत्।
तमभिद्रुत्य सान्त्वेन परमेण धनंजयम्॥ १०॥
न्यवर्तयत संहृष्टा ममैषा परमा मति:।
अनुवाद
इस समय अर्जुन के पास मेरा प्रसिद्ध रथ, मेरे अद्भुत घोड़े हैं और अर्जुन स्वयं भी शीघ्रता से अस्त्र चलाने वाला योद्धा है। ऐसी स्थिति में अर्जुन की बराबरी कौन कर सकता है? तुम सब लोग प्रसन्नतापूर्वक दौड़कर धनंजय को बड़ी सांत्वना देते हुए वापस ले आओ। यही मेरी परम सलाह है। 9-10 1/2।
‘At this time Arjuna has my famous chariot, my wonderful horses and Arjuna himself is a warrior who can wield weapons swiftly. In such a situation who can match Arjuna? You all should run happily and bring Dhananjaya back with great consolation. This is my ultimate advice. 9-10 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥