Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.220.89: हे राजन! पाण्डव उन महाबली योद्धा पुत्रों के साथ मिलकर बहुत प्रसन्न हुए, जिनकी छाती देवपुत्रों के समान चौड़ी थी। | mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! पाण्डव उन महाबली योद्धा पुत्रों के साथ मिलकर बहुत प्रसन्न हुए, जिनकी छाती देवपुत्रों के समान चौड़ी थी।
O King! The Pandavas were very happy to be united with those mighty warrior sons who had broad chests like the sons of gods. 89
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि हरणाहरणपर्वणि विंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत हरणाहरणपर्वमें दो सौ बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२०॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ९० १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥