Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.220.86: राजेन्द्र! द्रौपदी के ये तेजस्वी पुत्र एक-दूसरे से एक वर्ष के अन्तराल पर उत्पन्न हुए थे और एक-दूसरे के शुभचिंतक थे।   |   mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  1.220.86 
एकवर्षान्तरास्त्वेते द्रौपदेया यशस्विन:।
अन्वजायन्त राजेन्द्र परस्परहितैषिण:॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! द्रौपदी के ये तेजस्वी पुत्र एक-दूसरे से एक वर्ष के अन्तराल पर उत्पन्न हुए थे और एक-दूसरे के शुभचिंतक थे।
 
Rajendra! These illustrious sons of Draupadi were born at an interval of one year from each other and were well wishers of each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)