Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.220.85: तदनन्तर श्रीकृष्ण ने अग्निदेवता से सम्बन्धित कृत्तिका नक्षत्र में सहदेव से एक पुत्र को जन्म दिया, इसलिए उसका नाम श्रुतसेन रखा गया (श्रुतसेन अग्नि का ही नाम है) ॥85॥ | mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर श्रीकृष्ण ने अग्निदेवता से सम्बन्धित कृत्तिका नक्षत्र में सहदेव से एक पुत्र को जन्म दिया, इसलिए उसका नाम श्रुतसेन रखा गया (श्रुतसेन अग्नि का ही नाम है) ॥85॥
Subsequently, Krishna gave birth to a son from Sahadeva in Krittika Nakshatra related to the fire god, hence he was named Shrutasena (Shrutasen is the name of Agni itself). 85॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥