श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  1.220.66 
दीर्घबाहुं महोरस्कं वृषभाक्षमरिंदमम्।
सुभद्रा सुषुवे वीरमभिमन्युं नरर्षभम्॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
सुभद्रा ने वीर और श्रेष्ठ पुरुष अभिमन्यु को जन्म दिया, जिसके विशाल भुजाएँ, विशाल वक्ष और बैल के समान विशाल नेत्र थे। वह शत्रुओं का संहार करने वाला था।
 
Subhadra gave birth to the brave and best of men, Abhimanyu, who had huge arms, a large chest and huge eyes like those of a bull. He was a destroyer of enemies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)