Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.220.65: तदनन्तर, कुछ समय पश्चात् श्रीकृष्ण की प्रिय बहन सुभद्रा ने सुप्रसिद्ध सौभद्र को जन्म दिया; जैसे शचिन ने जयन्तक को जन्म दिया था ॥65॥   |   mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  1.220.65 
तत: सुभद्रा सौभद्रं केशवस्य प्रिया स्वसा।
जयन्तमिव पौलोमी ख्यातिमन्तमजीजनत्॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर, कुछ समय पश्चात् श्रीकृष्ण की प्रिय बहन सुभद्रा ने सुप्रसिद्ध सौभद्र को जन्म दिया; जैसे शचिन ने जयन्तक को जन्म दिया था ॥65॥
 
Subsequently, after some time, Shri Krishna's beloved sister Subhadra gave birth to the famous Saubhadra; Just like Shachin had given birth to Jayantak. 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)