Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.220.62: अन्धकवंश के महारथी वृष्णि और कुरुप्रवर पाण्डवों द्वारा दिए गए उज्ज्वल रत्नों का दान लेकर बलरामजी को आगे करके चले॥62॥ | mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्धकवंश के महारथी वृष्णि और कुरुप्रवर पाण्डवों द्वारा दिए गए उज्ज्वल रत्नों का दान लेकर बलरामजी को आगे करके चले॥62॥
Vrishni and Kurupravar, the great charioteer of the Andhaka dynasty, took the gift of bright gems given by the Pandavas and left with Balramji in front. 62॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥