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mahabharat 1.220.48: इसी प्रकार उसने पाँच सौ काले और पाँच सौ सफेद खच्चर समर्पित किए, जो सब के सब पालतू और वायु के समान वेगवान थे ॥48॥   |   mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  1.220.48 
तथैवाश्वतरीणां च दान्तानां वातरंहसाम्।
शतान्यञ्जनकेशीनां श्वेतानां पञ्च पञ्च च॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार उसने पाँच सौ काले और पाँच सौ सफेद खच्चर समर्पित किए, जो सब के सब पालतू और वायु के समान वेगवान थे ॥48॥
 
Similarly, he dedicated five hundred black-maned and five hundred white-maned mules, all of which were tame and as fast as the wind. ॥48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)