Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.220.31-33: सात्यक, सात्यकि, सात्वतवंश के कृतवर्मा, प्रद्युम्न, साम्ब, निषथ, शंकु, पराक्रमी चारुदेष्ण, जम्भ, विपृथु, महाबाहु सारण और गद, विद्वानों में सर्वश्रेष्ठ - ये और वृष्णि, भोज और अंधकवंश के कई अन्य लोग बहुत सारी दहेज सामग्री के साथ खांडवप्रस्थ आए थे। 31-33॥ | mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यक, सात्यकि, सात्वतवंश के कृतवर्मा, प्रद्युम्न, साम्ब, निषथ, शंकु, पराक्रमी चारुदेष्ण, जम्भ, विपृथु, महाबाहु सारण और गद, विद्वानों में सर्वश्रेष्ठ - ये और वृष्णि, भोज और अंधकवंश के कई अन्य लोग बहुत सारी दहेज सामग्री के साथ खांडवप्रस्थ आए थे। 31-33॥
Satyaka, Satyaki, Kritavarma of Satvatvansh, Pradyumna, Samba, Nishath, Shanku, mighty Charudeshna, Jhambha, Viprithu, Mahabahu Saran and Gad, the best among scholars – these and many others from Vrishni, Bhoja and Andhakvansh had come to Khandavaprastha with a lot of dowry material. 31-33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥