Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.219.6-7: उधर सुभद्रा गिरिराज रैवतक तथा समस्त देवताओं का पूजन करके तथा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन करवाकर पर्वत की परिक्रमा पूरी करके द्वारका लौट रही थीं। अर्जुन कामदेव के बाणों से अत्यन्त पीड़ित हो रहे थे। उन्होंने दौड़कर सुभद्रा को बलपूर्वक रथ पर बिठा लिया। | mahabharat अध्याय 1.219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उधर सुभद्रा गिरिराज रैवतक तथा समस्त देवताओं का पूजन करके तथा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन करवाकर पर्वत की परिक्रमा पूरी करके द्वारका लौट रही थीं। अर्जुन कामदेव के बाणों से अत्यन्त पीड़ित हो रहे थे। उन्होंने दौड़कर सुभद्रा को बलपूर्वक रथ पर बिठा लिया।
On the other hand, Subhadra, after worshipping Giriraj Raivataka and all the gods and reciting the Swasti recitations by the Brahmins, was returning to Dwarka after completing the circumambulation of the mountain. Arjun was suffering a lot from the arrows of Kamadeva. He ran and forcefully made Subhadra sit on the chariot. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥