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mahabharat 1.219.32: भगवान बलराम की गर्जना सुनकर, जो मेघ और डमरू की गम्भीर ध्वनि के समान थी, भोज, वृष्णि और अंधक वंश के सभी वीर योद्धा उस समय उनके पीछे-पीछे चले।   |   mahabharat अध्याय 1.219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.219.32 
तं तथा गर्जमानं तु मेघदुन्दुभिनि:स्वनम्।
अन्वपद्यन्त ते सर्वे भोजवृष्ण्यन्धकास्तदा॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
भगवान बलराम की गर्जना सुनकर, जो मेघ और डमरू की गम्भीर ध्वनि के समान थी, भोज, वृष्णि और अंधक वंश के सभी वीर योद्धा उस समय उनके पीछे-पीछे चले।
 
Hearing the roar of Lord Balarama, which was like the deep sound of a cloud and a drum, all the brave warriors of the Bhoja, Vrishni and Andhaka clans followed him at that time.
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सुभद्राहरणपर्वणि बलदेवक्रोधे एकोनविंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २१९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सुभद्राहरणपर्वमें बलदेवक्रोधविषयक दो सौ उन्नीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)