Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.219.28: 'सम्बन्ध की इच्छा रखते हुए, कौन शुभचिन्तित हृदय वाला पुरुष पूर्वजन्म के उपकारों को स्वीकार करते हुए ऐसा साहसपूर्ण कार्य करेगा?॥28॥ | mahabharat अध्याय 1.219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इच्छन्नेव हि सम्बन्धं कृतं पूर्वं च मानयन्।
को हि नाम भवेनार्थी साहसेन समाचरेत्॥ २८॥
अनुवाद
'सम्बन्ध की इच्छा रखते हुए, कौन शुभचिन्तित हृदय वाला पुरुष पूर्वजन्म के उपकारों को स्वीकार करते हुए ऐसा साहसपूर्ण कार्य करेगा?॥28॥
'While having the desire for a relationship, which man with a well-intentioned heart would commit such a daring act, acknowledging the favours of the past?॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥