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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्गार
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श्लोक 24
श्लोक
1.219.24
समं वचो निशम्यैव बलदेवस्य धीमत:।
पुनरेव सभामध्ये सर्वे ते समुपाविशन्॥ २४॥
अनुवाद
परम बुद्धिमान बलरामजी के वे वचन सुनकर सब योद्धा पुनः सभा में मौन होकर बैठ गए ॥24॥
On hearing those words of the most intelligent Balarama, all the warriors again sat down in silence in the assembly. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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