श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.219.20 
वनमाली तत: क्षीब: कैलासशिखरोपम:।
नीलवासा मदोत्सिक्त इदं वचनमब्रवीत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात, नीले वस्त्र धारण किए हुए, वनमाला पहने हुए, कैलाश शिखर के समान तेजस्वी वर्ण वाले बलरामजी उन यादवों से इस प्रकार बोले-॥20॥
 
Thereafter, Balramji, having blue clothes and wearing a forest garland, having the same glorious complexion as Kailash Shikhar, spoke to those Yadavas in this manner – ॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)