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mahabharat 1.219.17: (वे बड़ी उतावली से बोले:) 'शीघ्र रथ जोत लो, हथौड़ा ले आओ, धनुष और बहुमूल्य एवं विशाल कवच ले आओ।'॥17॥   |   mahabharat अध्याय 1.219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.219.17 
योजयध्वं रथानाशु प्रासानाहरतेति च।
धनूंषि च महार्हाणि कवचानि बृहन्ति च॥ १७॥
 
 
अनुवाद
(वे बड़ी उतावली से बोले:) 'शीघ्र रथ जोत लो, हथौड़ा ले आओ, धनुष और बहुमूल्य एवं विशाल कवच ले आओ।'॥17॥
 
(They said in great haste:) 'Harness the chariot quickly, bring the sledgehammer, bring the bow and the precious and huge armour.'॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)