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mahabharat 1.219.11: उनकी बातें सुनकर दरबारी ने युद्ध के लिए तैयार होने का संदेश देने के लिए स्वर्णजटित एक स्वर्ण नगाड़ा बजाया। नगाड़े की ध्वनि बहुत तेज थी और दूर-दूर तक फैलती थी। ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 1.219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 219: यादवोंकी युद्धके लिये तैयारी और अर्जुनके प्रति बलरामजीके क्रोधपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.219.11 
तेषां श्रुत्वा सभापालो भेरीं सांनाहिकीं तत:।
समाजघ्ने महाघोषां जाम्बूनदपरिष्कृताम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर दरबारी ने युद्ध के लिए तैयार होने का संदेश देने के लिए स्वर्णजटित एक स्वर्ण नगाड़ा बजाया। नगाड़े की ध्वनि बहुत तेज थी और दूर-दूर तक फैलती थी। ॥11॥
 
On hearing their words, the courtier played a golden drum studded with gold to inform everyone to get ready for war. The sound of the drum was very loud and could spread far and wide. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)