Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.218.6-7: द्वारकापुरी के सैकड़ों-हजारों निवासी अपनी-अपनी पत्नियों और सेवकों के साथ पैदल अथवा छोटे-बड़े वाहनों से उस उत्सव में सम्मिलित होने आए थे। भरत! भगवान बलरामजी रेवती के साथ वहाँ आनंदपूर्वक विहार कर रहे थे। उनके पीछे-पीछे गन्धर्व (गायक) चल रहे थे। | mahabharat अध्याय 1.218: रैवतक पर्वतके उत्सवमें अर्जुनका सुभद्रापर आसक्त होना और श्रीकृष्ण तथा युधिष्ठिरकी अनुमतिसे उसे हर ले जानेका निश्चय करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्वारकापुरी के सैकड़ों-हजारों निवासी अपनी-अपनी पत्नियों और सेवकों के साथ पैदल अथवा छोटे-बड़े वाहनों से उस उत्सव में सम्मिलित होने आए थे। भरत! भगवान बलरामजी रेवती के साथ वहाँ आनंदपूर्वक विहार कर रहे थे। उनके पीछे-पीछे गन्धर्व (गायक) चल रहे थे।
Hundreds and thousands of residents of Dwarkapuri had come along with their wives and servants on foot or in small and big vehicles to participate in that festival. Bhaarat! Lord Balarama was roaming there with Revati in ecstasy. Gandharvas (singers) were walking behind them. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥