Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.216.31: तुम भी चित्रवाहन के साथ राजसूय यज्ञ में उसकी सेवा करने के लिए चलो। मैं वहाँ तुमसे मिलूँगा। अभी तुम अपने पुत्र का ध्यान रखो और शोक त्याग दो॥31॥ | mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम भी चित्रवाहन के साथ राजसूय यज्ञ में उसकी सेवा करने के लिए चलो। मैं वहाँ तुमसे मिलूँगा। अभी तुम अपने पुत्र का ध्यान रखो और शोक त्याग दो॥31॥
'You too should come along with Chitravahan to the Rajasuya Yajna to serve him. I will meet you there. For now, take care of your son and give up your grief.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥