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mahabharat 1.216.30: उस समय संसार के सभी राजागण वहाँ आएंगे। तुम्हारे पिता भी अनेक रत्नों की भेंट लेकर वहाँ उपस्थित होंगे॥30॥   |   mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.216.30 
तत्रागच्छन्ति राजान: पृथिव्यां नृपसंज्ञिता:।
बहूनि रत्नान्यादाय आगमिष्यति ते पिता॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उस समय संसार के सभी राजागण वहाँ आएंगे। तुम्हारे पिता भी अनेक रत्नों की भेंट लेकर वहाँ उपस्थित होंगे॥30॥
 
‘At that time all the kings of the world who hold the title of King will come there. Your father will also be present at that time with gifts of many gems.॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)