Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.216.29: 'कुन्तिनपुत्र महाराज युधिष्ठिर, जो सदैव धर्म में दृढ़ रहते हैं और सत्यनिष्ठ हैं, सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करेंगे और राजसूय यज्ञ करेंगे। | mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'कुन्तिनपुत्र महाराज युधिष्ठिर, जो सदैव धर्म में दृढ़ रहते हैं और सत्यनिष्ठ हैं, सम्पूर्ण पृथ्वी पर विजय प्राप्त करेंगे और राजसूय यज्ञ करेंगे।
‘Kuntin's son Maharaja Yudhishthira, who always remains steadfast in Dharma and is truthful, will conquer the entire earth and perform the Rajasuya Yagya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥