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mahabharat 1.216.16: तब उन्होंने हमारे दुःख का कारण पूछा और हमने उन्हें सब कुछ बता दिया। पूरी कहानी सुनकर वे इस प्रकार बोले-॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.216.16 
स नोऽपृच्छद् दु:खमूलमुक्तवत्यो वयं च तम्।
श्रुत्वा तत्र यथावृत्तमिदं वचनमब्रवीत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब उन्होंने हमारे दुःख का कारण पूछा और हमने उन्हें सब कुछ बता दिया। पूरी कहानी सुनकर वे इस प्रकार बोले-॥16॥
 
Then he asked the reason for our sadness and we told him everything. After listening to the whole story, he spoke like this -॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)