Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.216.15: हे कुन्तीपुत्र! उन परम तेजस्वी ऋषियों को देखकर हम लोग अत्यन्त प्रसन्न हुए। उन्हें प्रणाम करके हम लज्जा से सिर झुकाकर वहीं खड़े रहे॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुन्तीपुत्र! उन परम तेजस्वी ऋषियों को देखकर हम लोग अत्यन्त प्रसन्न हुए। उन्हें प्रणाम करके हम लज्जा से सिर झुकाकर वहीं खड़े रहे॥15॥
O son of Kunti! We were very pleased to see those immensely illustrious sages. After paying our obeisance to them, we stood there with our heads bowed down in shame.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥