Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.216.12-13: वर्ग कहता है - भरत! तत्पश्चात हम सब उस ब्राह्मण को प्रणाम करके और उसकी प्रदक्षिणा करके अत्यन्त दुःखी होकर उस स्थान से चले गए और सोचने लगे कि अब हमें कहाँ जाकर ठहरना चाहिए, जिससे कि थोड़े ही समय में हमें वह पुरुष मिल जाए जो हमें हमारा मूल स्वरूप पुनः प्रदान कर दे॥12-13॥ | mahabharat अध्याय 1.216: वर्गाकी प्रार्थनासे अर्जुनका शेष चारों अप्सराओंको भी शापमुक्त करके मणिपूर जाना और चित्रांगदासे मिलकर गोकर्णतीर्थको प्रस्थान करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वर्ग कहता है - भरत! तत्पश्चात हम सब उस ब्राह्मण को प्रणाम करके और उसकी प्रदक्षिणा करके अत्यन्त दुःखी होकर उस स्थान से चले गए और सोचने लगे कि अब हमें कहाँ जाकर ठहरना चाहिए, जिससे कि थोड़े ही समय में हमें वह पुरुष मिल जाए जो हमें हमारा मूल स्वरूप पुनः प्रदान कर दे॥12-13॥
Varga says - Bharata! Thereafter, after paying our obeisance to that Brahmin and circumambulating him, we all left that place very sadly and started thinking about where we should go and stay so that in a short time we can find that person who will make us regain our original form.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥