Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.215.23: हमारे अहंकार से क्रुद्ध होकर ब्राह्मण ने हमें शाप दे दिया - 'तुम सौ वर्षों तक जल में मगरमच्छ बनकर रहोगे।'॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 1.215: अर्जुनके द्वारा वर्गा अप्सराका ग्राहयोनिसे उद्धार तथा वर्गाकी आत्मकथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमारे अहंकार से क्रुद्ध होकर ब्राह्मण ने हमें शाप दे दिया - 'तुम सौ वर्षों तक जल में मगरमच्छ बनकर रहोगे।'॥ 23॥
Enraged by our arrogance, the Brahmin cursed us - 'You will live as crocodiles in water for a hundred years.'॥ 23॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वण्यर्जुनवनवासपर्वणि तीर्थग्राहविमोचने पञ्चदशाधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २१५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत अर्जुनवनवासपर्वमें तीर्थग्राहविमोचनविषयक दो सौ पंद्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥