Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.215.16: महाबल! मेरा नाम वरगा है। मैं हमेशा से कुबेर का प्रेमी रहा हूँ। मेरे चार और दोस्त भी हैं। सभी सुंदर हैं और अपनी मर्ज़ी से चल सकती हैं। | mahabharat अध्याय 1.215: अर्जुनके द्वारा वर्गा अप्सराका ग्राहयोनिसे उद्धार तथा वर्गाकी आत्मकथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबल! मेरा नाम वरगा है। मैं हमेशा से कुबेर का प्रेमी रहा हूँ। मेरे चार और दोस्त भी हैं। सभी सुंदर हैं और अपनी मर्ज़ी से चल सकती हैं।
Mahabal! My name is Varga. I have always been Kuber's lover. I have four other friends as well. All of them are beautiful and can go as per their wish.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥