श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.214.19 
तमुवाचाथ राजा स सान्त्वपूर्वमिदं वच:।
राजा प्रभञ्जनो नाम कुलेऽस्मिन् सम्बभूव ह॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा, 'इस कुल में पहले प्रभंजन नाम का एक राजा हुआ था।
 
Then the king consoled them and said, 'Earlier in this clan there had been a king known as Prabhanjan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)