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श्लोक 1.214.18  |
तच्छ्रुत्वा त्वब्रवीद् राजा कस्य पुत्रोऽसि नाम किम्।
उवाच तं पाण्डवोऽहं कुन्तीपुत्रो धनंजय:॥ १८॥ |
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| अनुवाद |
| यह सुनकर राजा ने पूछा, ‘तुम किसके पुत्र हो और तुम्हारा नाम क्या है?’ अर्जुन ने उत्तर दिया, ‘मैं राजा पाण्डु और कुन्तीदेवी का पुत्र हूँ। लोग मुझे धनंजय कहते हैं।’॥18॥ |
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| Hearing this, the king asked, 'Whose son are you and what is your name?' Arjuna replied, 'I am the son of King Pandu and Kuntidevi. People call me Dhananjay.'॥ 18॥ |
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