तच्छ्रुत्वा त्वब्रवीद् राजा कस्य पुत्रोऽसि नाम किम्।
उवाच तं पाण्डवोऽहं कुन्तीपुत्रो धनंजय:॥ १८॥
अनुवाद
यह सुनकर राजा ने पूछा, ‘तुम किसके पुत्र हो और तुम्हारा नाम क्या है?’ अर्जुन ने उत्तर दिया, ‘मैं राजा पाण्डु और कुन्तीदेवी का पुत्र हूँ। लोग मुझे धनंजय कहते हैं।’॥18॥
Hearing this, the king asked, 'Whose son are you and what is your name?' Arjuna replied, 'I am the son of King Pandu and Kuntidevi. People call me Dhananjay.'॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥