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mahabharat 1.214.16: अचानक चित्रवाहन की पुत्री के सुन्दर शरीर को नगर में घूमते देखकर अर्जुन के मन में उसे प्राप्त करने की इच्छा उत्पन्न हुई।16.   |   mahabharat अध्याय 1.214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.214.16 
तां ददर्श पुरे तस्मिन् विचरन्तीं यदृच्छया।
दृष्ट्वा च तां वरारोहां चकमे चैत्रवाहनीम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अचानक चित्रवाहन की पुत्री के सुन्दर शरीर को नगर में घूमते देखकर अर्जुन के मन में उसे प्राप्त करने की इच्छा उत्पन्न हुई।16.
 
Suddenly seeing the beautiful body of Chitravahan's daughter roaming in the city, Arjuna felt a desire to obtain her. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)