श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.214.15 
मणिपूरेश्वरं राजन् धर्मज्ञं चित्रवाहनम्।
तस्य चित्राङ्गदा नाम दुहिता चारुदर्शना॥ १५॥
 
 
अनुवाद
राजन! मणिपुर के स्वामी धर्मात्मा चित्रवाहन थे। उनकी चित्रांगदा नाम की एक अत्यंत सुन्दर कन्या थी। 15॥
 
Rajan! The master of Manipur was the religious man Chitravahan. He had a very beautiful daughter named Chitrangada. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)