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mahabharat 1.214.13: इस प्रकार तपस्वी मुनियों से सुशोभित महेन्द्र पर्वत को देखकर समुद्रतट पर भ्रमण करते हुए वे धीरे-धीरे मणिपुर पहुँचे ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 1.214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 214: अर्जुनका पूर्वदिशाके तीर्थोंमें भ्रमण करते हुए मणिपूरमें जाकर चित्रांगदाका पाणिग्रहण करके उसके गर्भसे एक पुत्र उत्पन्न करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.214.13 
महेन्द्रपर्वतं दृष्ट्वा तापसैरुपशोभितम्।
समुद्रतीरेण शनैर्मणिपूरं जगाम ह॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार तपस्वी मुनियों से सुशोभित महेन्द्र पर्वत को देखकर समुद्रतट पर भ्रमण करते हुए वे धीरे-धीरे मणिपुर पहुँचे ॥13॥
 
In this way, after seeing the Mahendra mountain adorned with ascetic sages, traveling along the seashore, he slowly reached Manipur. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)