Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.213.25-26h: तुम लोगों ने आपस में यह शर्त रखी है कि यदि हम लोगों में से कोई द्रौपदी के साथ रहे और उस स्थिति में कोई दूसरा व्यक्ति इच्छावश उस घर में प्रवेश करे, तो उसे बारह वर्ष तक वन में रहकर ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा॥ 25 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.213: अर्जुनका गंगाद्वारमें ठहरना और वहाँ उनका उलूपीके साथ मिलन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परस्परं वर्तमानान् द्रुपदस्यात्मजां प्रति।
यो नोऽनुप्रविशेन्मोहात् स वै द्वादशवार्षिकम्॥ २५॥
वने चरेद् ब्रह्मचर्यमिति व: समय: कृत:।
अनुवाद
तुम लोगों ने आपस में यह शर्त रखी है कि यदि हम लोगों में से कोई द्रौपदी के साथ रहे और उस स्थिति में कोई दूसरा व्यक्ति इच्छावश उस घर में प्रवेश करे, तो उसे बारह वर्ष तक वन में रहकर ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा॥ 25 1/2॥
You have made a condition amongst yourselves that if any one amongst us stays with Draupadi and in that case another person enters that house out of desire, then he will have to live in the forest for twelve years and observe celibacy.॥ 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥