Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.213.19: हे पुरुषश्रेष्ठ! जब आप स्नान करने के लिए समुद्र में बहने वाली गंगा नदी में उतरे, तब आपको देखकर मैं कामपीड़ा से अचेत हो गया॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.213: अर्जुनका गंगाद्वारमें ठहरना और वहाँ उनका उलूपीके साथ मिलन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 213: अर्जुनका गंगाद्वारमें ठहरना और वहाँ उनका उलूपीके साथ मिलन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.213.19 
साहं त्वामभिषेकार्थमवतीर्णं समुद्रगाम्।
दृष्ट्वैव पुरुषव्याघ्र कन्दर्पेणाभिमूर्च्छिता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! जब आप स्नान करने के लिए समुद्र में बहने वाली गंगा नदी में उतरे, तब आपको देखकर मैं कामपीड़ा से अचेत हो गया॥19॥
 
O best of men! When you entered the sea-going river Ganga to take a bath, I became unconscious due to the pangs of lust upon seeing you.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)