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mahabharat 1.212.17: इसके अतिरिक्त संसार में यह समाचार फैल जाएगा कि हम सब दुःखियों की रक्षा करने के धर्म का पालन करने में श्रद्धा नहीं रखते। इसके अतिरिक्त हमें पाप भी लगेगा॥17॥   |   mahabharat अध्याय 1.212: अर्जुनके द्वारा ब्राह्मणके गोधनकी रक्षाके लिये नियमभंग और वनकी ओर प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 212: अर्जुनके द्वारा ब्राह्मणके गोधनकी रक्षाके लिये नियमभंग और वनकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.212.17 
अनास्तिक्यं च सर्वेषामस्माकमपि रक्षणे।
प्रतितिष्ठेत लोकेऽस्मिन्नधर्मश्चैव नो भवेत्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इसके अतिरिक्त संसार में यह समाचार फैल जाएगा कि हम सब दुःखियों की रक्षा करने के धर्म का पालन करने में श्रद्धा नहीं रखते। इसके अतिरिक्त हमें पाप भी लगेगा॥17॥
 
‘Apart from this, the news will spread in the world that we all do not have faith in following the religion of protecting the distressed. Besides, we will also get sin.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)